
नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम Deepak है। मैं उत्तर प्रदेश के एक छोटे से देहाती गांव में रहता हूं जहां शाम को लोग लोक गीत गाते हैं। मेरी उम्र 28 साल है और मैं खेतों में काम करता हूं। मेरी आवाज अच्छी है इसलिए गांव वाले मुझे dehati lok geet गाने के लिए बुलाते हैं। एक शाम की बात है जब मैंने गाना शुरू किया तो मेरी जिंदगी बदल गई।
वो रात काफी ठंडी थी। मैंने अपना ढोल लेकर चौपाल पर बैठकर गाना शुरू किया। गीत था “हो रामा रे, खेत में मिलन हो जाए”। गाना गाते गाते मेरी नजर पड़ी गांव की सबसे सुंदर और मोटी बिल्कुल देहाती भाभी रानी पर। रानी की उम्र 32 साल थी, उसका पति शहर में मजदूरी करने गया हुआ था। रानी के स्तन बहुत बड़े और भारी थे, उसकी कमर मोटी और नितंब चौड़े थे। जब वो चलती थी तो उसकी गांड हिलती हुई लगती थी। उस रात वो सफेद साड़ी में आई हुई थी और उसकी चोली से उसके काले निप्पल साफ दिख रहे थे।
गाना खत्म होने के बाद रानी मेरे पास आई और बोली, “Deepak, तेरा गाना सुनके मेरा मन कर रहा है कुछ और सुनने का। चल मेरे घर चल।” मैं समझ गया कि आज रात कुछ खास होने वाला है। हम दोनों उसके छोटे से कच्चे मकान में पहुंचे। अंदर अंधेरा था, सिर्फ एक लालटेन जल रही थी। रानी ने दरवाजा बंद किया और बोली, “Deepak, आज तू मुझे अपना लंड दे दे। मेरी चूत कई महीनों से सूखी पड़ी है।”
मैंने तुरंत उसकी साड़ी खींची। उसके भारी स्तन बाहर निकल आए। काले-काले निप्पल खड़े हो चुके थे। मैंने एक स्तन मुंह में लिया और जोर से चूसने लगा। रानी चीख पड़ी, “आह्ह्ह Deepak, जोर से चूस, मेरे दूध पी ले!” मैंने दूसरा स्तन भी निचोड़ा और नीचे झुककर उसकी चूत चाटने लगा। उसकी चूत पूरी तरह गीली थी, बाल घने थे और उसमें से चिपचिपा रस निकल रहा था। मैंने जीभ घुसाकर चाटा, “रानी तेरी चूत का स्वाद बहुत मीठा है।” वो जोर जोर से सिसक रही थी, “हां Deepak, मेरी चूत चाट, लंड डालने से पहले पूरा गीला कर दे।”
फिर रानी ने मेरा लंड बाहर निकाला। मेरा लंड 8 इंच का मोटा और नसों से भरा हुआ था। उसने उसे मुंह में लिया और जोर जोर से चूसने लगी। “Deepak का लंड बहुत बड़ा है, मेरे गले तक जा रहा है।” उसकी लार से मेरा लंड चमक रहा था। मैंने उसके बाल पकड़कर उसके मुंह में ठोकना शुरू किया।
उसके बाद मैंने उसे चारपाई पर लिटाया। उसकी टांगें फैलाईं और अपना लंड उसकी चूत में घुसा दिया। “आह्ह्हह्ह!” रानी चीखी। उसकी चूत बहुत तंग थी। लंड आधा अंदर गया तो मैंने जोर लगाया। पूरा लंड घुस गया। मैं धीरे धीरे चोदने लगा। “रानी तेरी चूत मेरा लंड निगल रही है।” वो बोली, “हां Deepak, जोर जोर से चोद, मेरी चूत फाड़ दे!”
हम घंटों चोदते रहे। पहले मिशनरी पोजीशन में, फिर रानी ने ऊपर चढ़कर घोड़ी बनकर चुदवाया। उसकी गांड मेरे लंड पर थपथपा रही थी। “थप थप” की आवाजें पूरे कमरे में गूंज रही थीं। मैंने उसकी गांड के छेद में उंगली डाली। रानी और भी गर्म हो गई। “Deepak मेरी गांड भी मार, पर पहले चूत में झाड़ दे।”
मैंने उसकी चूत में जोर जोर से झाड़ा। गरम गरम वीर्य उसकी चूत भर गया और बाहर निकलने लगा। रानी ने उसे उंगलियों से निकालकर मुंह में डाला। “तेरा रस बहुत स्वादिष्ट है।”
लेकिन हम रुके नहीं। रात भर चुदाई चली। अगली सुबह जब सूरज निकला तो रानी ने फिर से मेरा लंड मुंह में लिया और कहा, “Deepak, अगली बार लोक गीत गाते समय मुझे बुलाना, मैं तेरे साथ और भी देहाती अंदाज में चुदवाऊंगी।”
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