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एक नज़र: Akshara Feels Dizzy – Akshara Ki Garam Chudai

एक नज़र: Akshara Feels Dizzy – Akshara Ki Garam Chudai

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नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं दिल्ली के करोल बाग इलाके में एक छोटे से फ्लैट में रहता हूं। उम्र मेरी 28 साल है और मैं एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूं। ये कहानी मेरी और अक्षरा की है जो मेरी ऑफिस की सहकर्मी थी। अक्षरा 24 साल की थी, गोरंग, मोटी-मोटी जांघें, 36 के बड़े-बड़े स्तन और गोल-गोल गोलाकार गांड वाली लड़की। उसके बाल लंबे और काले, होंठ मोटे और लाल। ऑफिस में वो हमेशा टाइट कुर्ती और जींस पहनती थी जिससे उसके स्तन और चूत का आकार साफ दिखता था।

एक दिन ऑफिस में ज्यादा काम और गर्मी की वजह से अक्षरा को चक्कर आने लगे। वो कहने लगी, “राहुल, मुझे बहुत dizzy feel हो रहा है। सिर घूम रहा है।” मैंने उसे पानी पिलाया और ऑफिस से निकालकर अपने फ्लैट ले आया क्योंकि उसका PG दूर था और बारिश भी शुरू हो रही थी। फ्लैट में अकेला था। मैंने उसे बेड पर लिटाया। अक्षरा की सांसें तेज थीं, उसकी छाती ऊपर-नीचे हो रही थी। उसके कुर्ते के नीचे से ब्रा का निशान साफ दिख रहा था।

मैं उसके पास बैठा और पूछा, “अक्षरा, कैसा लग रहा है?” वो मुस्कुराई और बोली, “थोड़ा बेहतर है लेकिन शरीर में गर्मी बहुत है।” मैंने उसके माथे पर हाथ रखा तो वो हिल गई। उसकी आंखों में एक अलग सी चमक थी। धीरे-धीरे बात आगे बढ़ी। मैंने कहा, “अक्षरा तुम बहुत सुंदर हो।” वो शरमा गई लेकिन बोली, “राहुल, तुम भी अच्छे लगते हो। आज तो चक्कर की वजह से कुछ और ही महसूस हो रहा है।”

मैंने उसके हाथ को पकड़ा और उसे खींचकर अपने पास लाया। अक्षरा की सांस मेरी सांस से टकराने लगी। मैंने उसके होंठों पर अपना मुंह रख दिया और चूमने लगा। वो भी चूमने लगी। उसकी जीभ मेरी जीभ से लड़ रही थी। मैंने उसके कुर्ते के बटन खोले। अंदर से उसकी सफेद ब्रा में बंद 36 इंच के मोटे स्तन बाहर निकल आए। मैंने ब्रा हटाई और एक स्तन को मुंह में लेकर चूसने लगा। अक्षरा चीख पड़ी, “आह्ह्ह राहुल, चूसो मेरे स्तन को, और जोर से काटो निप्पल को।” उसके निप्पल कड़े हो चुके थे। मैं दूसरे स्तन को हाथ से दबा रहा था।

अक्षरा की साड़ी नीचे सरक गई थी। मैंने उसकी जींस खोली। अंदर पैंटी गीली हो चुकी थी। मैंने पैंटी हटाई तो उसकी चिकनी, गुलाबी और बालों वाली चूत सामने थी। चूत के होठ फूल चुके थे और रस टपक रहा था। मैंने उंगली डाली तो अक्षरा चीखी, “हां राहुल, मेरी चूत में उंगली डालो, और गहराई तक।” मैंने दो उंगलियां अंदर डालीं और तेजी से आंदोलन करने लगा। अक्षरा की गांड हिल रही थी। वो बोली, “मेरा लंड चूसो, जल्दी।”

मैंने अपना 7 इंच का मोटा लंड निकाला। अक्षरा ने उसे हाथ में लिया और मुंह में डाल लिया। वो चूसने लगी जैसे आइसक्रीम चूस रही हो। उसकी जीभ मेरे लंड के सिरे पर घूम रही थी। मैंने उसके बाल पकड़े और मुंह में तेजी से लंड ठोकने लगा। अक्षरा का मुंह भर गया, लार निकल रही थी। वो गले तक ले रही थी।

फिर मैंने उसे उल्टा कर दिया। उसकी गांड ऊपर थी। मैंने गांड के छेद पर लंड रखा और धीरे से दबाया। अक्षरा चीखी, “आह्ह्ह, गांड फाड़ दोगे क्या? पहले चूत चोदो।” मैंने लंड उसकी चूत में घुसा दिया। चूत बहुत तंग थी, रस बह रहा था। मैंने जोर-जोर से धक्के मारे। “चोद रहा हूं तेरी चूत को, रंडी की तरह चिल्ला।” अक्षरा बोली, “हां चोद मुझे, तेरे लंड से मेरी चूत फट रही है। और जोर से, मेरे स्तन दबा।”

हमने पोजीशन बदली। वो मेरे ऊपर बैठ गई और लंड पर चढ़कर ऊपर-नीचे होने लगी। उसके स्तन उछल रहे थे। मैं उन्हें हाथों से दबा रहा था। अक्षरा का रस मेरे लंड पर बह रहा था। वो चीख रही थी, “मेरा पानी निकल रहा है, आह्ह्ह!” मैंने भी जोर से धक्का मारा और अंदर ही झड़ गया। गरम-गरम वीर्य उसकी चूत में भर दिया।

लेकिन ये खत्म नहीं हुआ। अक्षरा को अभी भी चक्कर आ रहे थे लेकिन अब वो और horny हो गई थी। हमने अगली बार 69 पोजीशन में किया। मैं उसकी चूत चाट रहा था, वो मेरा लंड चूस रही थी। चूत का स्वाद नमकीन और मीठा था। मैंने उसकी गांड को भी चाटा। अक्षरा पागल हो रही थी।

फिर मैंने उसे दीवार से टिका कर पीछे से चोदा। लंड गांड के पास घुमाकर चूत में डाला। धक्के इतने जोर के थे कि अक्षरा की सांस रुक रही थी। “ले, मेरी रंडी, तेरी चूत अब मेरी है।” वो बोली, “हां, रोज चोदना मुझे।” हम घंटों चोदते रहे। अलग-अलग पोजीशन में – मिशनरी, डॉगी स्टाइल, काउगर्ल। हर बार अक्षरा चीखती, “लंड और गहरा डाल, चूत फाड़ दो।”

आखिर में दोनों थककर गिर पड़े। अक्षरा की चूत से मेरा वीर्य और उसका रस बह रहा था। वो बोली, “राहुल, चक्कर तो अभी भी है लेकिन ये मजा कभी नहीं भूलूंगी।”

(कहानी यहीं खत्म नहीं होती, हमने पूरी रात चोदा। अगली सुबह ऑफिस में भी नजरें मिलती रहीं और कभी-कभी फ्लैट में मिलकर फिर वही गंदी चुदाई। अक्षरा अब मेरी नियमित चुदक्कड़ बन गई थी।)

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