Sex Indian Story
सुझाव: Akshara and Naitik Hot Seen – दिल्ली की गर्म चुदाई कहानी

सुझाव: Akshara and Naitik Hot Seen – दिल्ली की गर्म चुदाई कहानी

“सुझाव: Akshara and Naitik Hot Seen - दिल्ली की गर्म चुदाई कहानी” के बारे में अधिक जानने के लिए इस कहानी से शुरुआत करें। पृष्ठ पर मुख्य सामग्री, संबंधित श्रेणियां और उपयोगी टैग आसानी से उपलब्ध हैं। पूर्ण प्रस्तुति देखने के बाद इसी विषय पर चुनी गई दूसरी सामग्री भी खोज सकते हैं।

सुझाव: Akshara and Naitik Hot Seen - दिल्ली की गर्म चुदाई कहानी

नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम नितिक है। मैं दिल्ली में रहता हूँ, करोल बाग इलाके में एक छोटे से फ्लैट में। उम्र मेरी पच्चीस साल है और मैं एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ। मेरी पड़ोस में एक फ्लैट में अक्षरा रहती है। वो बीस साल की है, बहुत ही सुंदर, गोल-गोल स्तन, मोटी-मोटी जांघें और एकदम कसी हुई गांड। उसका पति अक्सर बाहर रहता है बिजनेस के सिलसिले में। हम दोनों की दोस्ती धीरे-धीरे इश्क में बदल गई और फिर वो दिन आ गया जब हम दोनों ने एक-दूसरे के साथ वो सब किया जो सोचकर भी लंड खड़ा हो जाता है।

वो शाम का वक्त था। बारिश हो रही थी और मैं अकेला फ्लैट में टीवी देख रहा था। अचानक दरवाजे पर दस्तक हुई। मैंने खोला तो अक्षरा खड़ी थी, भीगी हुई, उसकी साड़ी उसके शरीर से चिपक गई थी। उसके स्तन साफ दिख रहे थे, निप्पल्स उभरे हुए। उसने कहा, “नितिक, बिजली चली गई है मेरे फ्लैट में, थोड़ी देर बैठ जाऊं?” मैंने हां कर दी। वो अंदर आई और सोफे पर बैठ गई। हम बातें करने लगे। धीरे-धीरे बातें सेक्स पर आ गईं। अक्षरा ने कहा, “नितिक, मेरे पति मुझे ठीक से चोदते ही नहीं। मैं बहुत भूखी हूं।” ये सुनकर मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया।

मैं उसके पास बैठ गया और उसके होंठों पर अपना मुंह लगा दिया। हम दोनों जोर-जोर से चूमने लगे। उसकी जीभ मेरी जीभ से लड़ रही थी। मैंने उसकी साड़ी का पल्लू हटाया और उसके स्तनों को हाथ में लिया। वो इतने नरम और भारी थे कि दोनों हाथों में नहीं समा रहे थे। मैंने ब्लाउज के बटन खोले और ब्रा उतार दी। उसके गुलाबी निप्पल्स देखकर पानी मुंह में भर आया। मैंने एक निप्पल मुंह में लिया और चूसने लगा। अक्षरा चीखने लगी, “आह्ह्ह नितिक, चूसो और जोर से, मेरी चूत गीली हो गई है।” मैंने दूसरा स्तन भी चूसा और काट लिया। वो सिसकने लगी।

फिर मैंने उसकी साड़ी और पेटीकोट उतार दिए। वो सिर्फ पैंटी में थी। मैंने पैंटी को साइड में खिसकाया और उसकी चूत देखी। एकदम साफ, गुलाबी और बाल रहित। चूत के होठ फूले हुए थे और रस टपक रहा था। मैंने उंगली डाली तो अंदर से गर्म और चिपचिपा लगा। अक्षरा बोली, “नितिक, मेरी चूत चाटो, जीभ से फाड़ दो।” मैं घुटनों के बल बैठ गया और उसकी चूत पर मुंह लगा दिया। जीभ से उसके चूत के होठ चाटने लगा। वो चीख रही थी, “हां हां, और गहराई तक, मेरा रस निकाल दो।” मैंने उसकी चूत चाटी, चूसा और जीभ अंदर डाली। उसका रस मीठा था। वो मेरे सिर को दबा रही थी अपनी चूत पर।

उसके बाद वो मेरे लंड पर आई। उसने मेरी पैंट उतारी। मेरा लंड फुल सात इंच का खड़ा था, नसें उभरी हुई, सिरा लाल। अक्षरा ने कहा, “वाह नितिक, कितना मोटा लंड है, आज तो मेरी चूत फट जाएगी।” उसने लंड को हाथ में लिया और मूंह में डाल लिया। वो जोर-जोर से चूसने लगी। उसकी जीभ मेरे लंड के सिरे पर घूम रही थी। लार टपक रही थी। मैं उसके बाल पकड़कर उसके मुंह में ठेल रहा था। वो गला लगाकर पूरा लंड अंदर ले रही थी। “थूक थूक कर चूस रही थी, “तेरा लंड बहुत स्वादिष्ट है।”

फिर मैंने उसे सोफे पर लिटाया और उसके पैर फैलाए। मेरा लंड उसकी चूत के मुंह पर रखा। अक्षरा बोली, “धीरे से डालो ना, बहुत दिनों बाद कोई लंड अंदर जाएगा।” मैंने जोर लगाया और आधा लंड अंदर घुस गया। वो चीख पड़ी, “आह्ह्ह मादरचोद, फाड़ दिया।” मैंने और जोर लगाया। पूरा लंड अंदर चला गया। उसकी चूत बहुत टाइट थी। मैं धीरे-धीरे चोदने लगा। “थप थप” की आवाजें आने लगीं। अक्षरा चिल्ला रही थी, “जोर से चोदो, मेरी चूत को फाड़ दो, अपना रस भर दो अंदर।” मैं तेजी से चोद रहा था। उसके स्तन उछल रहे थे। मैंने उन्हें हाथ में लिया और निचोड़ रहा था।

हमने पोजीशन बदली। वो मेरे ऊपर बैठ गई। उसने लंड पकड़ा और अपनी चूत में उतारा। वो ऊपर-नीचे होने लगी। उसकी गांड मेरे लंड पर थपथपा रही थी। मैं उसके स्तनों को दबा रहा था। वो चीख रही थी, “नितिक, मैं झड़ने वाली हूं।” थोड़ी देर में उसकी चूत से रस निकल आया और मेरे लंड पर बहने लगा।

फिर मैंने उसे कुत्ते वाली पोजीशन में किया। गांड ऊपर करके खड़ा किया। मैं पीछे से घुसा। लंड पूरी तरह अंदर चला गया। मैं उसकी गांड के दोनों तरफ हाथ मार रहा था। “थप थप” की आवाजें। अक्षरा बोल रही थी, “मेरी गांड भी मारो ना, लेकिन पहले चूत ही फाड़ दो।” मैंने और तेज चोदा। पंद्रह मिनट तक लगातार चोदा। फिर मैंने कहा, “अक्षरा, मैं झड़ने वाला हूं।” वो बोली, “अंदर ही निकाल, मेरी चूत भर दो।” मैंने जोर से धक्का मारा और सारा माल उसकी चूत में छोड़ दिया। गर्म-गर्म रस भर गया।

हम दोनों थककर गिर पड़े। लेकिन कुछ देर बाद फिर शुरू हो गया। इस बार बेडरूम में। मैंने उसे दीवार से टिकाया और खड़े-खड़े चोदा। लंड ऊपर से नीचे तक घुस रहा था। अक्षरा के मुंह से लगातार गंदी बातें निकल रही थीं। “चोदो मुझे, अपनी रखैल बना लो, रोज चोदो।” रात भर हम चोदते रहे। तीन बार और चोदा। हर बार नई पोजीशन। एक बार वो मेरे मुंह पर बैठ गई और मैं उसकी चूत चाटता रहा। दूसरी बार साइड में लेटकर।

सुबह होने पर वो चली गई लेकिन अगले दिन फिर आई। अब हम नियमित रूप से मिलते हैं और चोदते हैं। उसकी चूत मेरा लंड भूल ही नहीं पाती। दिल्ली की ये गर्म रातें अब और भी गर्म हो गई हैं।

Sex Indian Story
Sex Indian Story
Read free Indian sex stories and hot desi erotic novels online. Enjoy steamy adult fiction featuring Indian characters, forbidden desires, and passionate encounters. Updated regularly with new Hindi-English stories for Indian readers. No registration required – pure free adult entertainment.

संबंधित कहानियाँ