
नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम अर्जुन है। मैं दिल्ली के करोल बाग इलाके में एक छोटे से फ्लैट में रहता हूं। उम्र 28 साल है और जॉब एक प्राइवेट कंपनी में करता हूं। मेरी गर्लफ्रेंड प्रिया है, जो मेरे ऑफिस के पास ही PG में रहती है। प्रिया की उम्र 24 साल है, गोरी चमड़ी, 34-28-36 का फिगर, भारी-भरी छातियां और गोल-गोल गोलियां जैसी गांड। हम दोनों पिछले छह महीने से डेट कर रहे थे लेकिन अभी तक पूरा सेक्स नहीं किया था, बस किसिंग और हल्का-फुल्का टचिंग तक ही सीमित था।
एक शाम जब बारिश हो रही थी और मैं अकेला फ्लैट में था, प्रिया ने व्हाट्सएप पर मैसेज किया। हमने बातें शुरू कीं और फिर मैंने सजेस्ट किया कि चलो कुछ SMS गेम्स खेलते हैं, जैसे ट्रुथ और डेयर लेकिन पूरी तरह SMS में। प्रिया हंसते हुए राजी हो गई। पहले गेम हमने “एक-एक सवाल” शुरू किया। मैंने पूछा, “प्रिया, तुम्हारी चूत अभी कितनी गीली है?” उसने तुरंत रिप्लाई किया, “बहुत गीली अर्जुन, तुम्हारा लंड सोचकर पानी छोड़ रही है।”
ये गेम धीरे-धीरे और गंदा होता गया। अगला SMS मैंने भेजा, “अपनी छातियां दबा कर फोटो भेजो।” प्रिया ने ब्लैक ब्रा में अपनी भारी छातियां दबाते हुए सेल्फी भेज दी। मेरे लंड में तुरंत खिंचाव आ गया। मैंने जवाब दिया, “अब अपनी चूत की फोटो भेज, उंगली डालकर।” वो शरमा गई लेकिन भेज दी – उसकी गुलाबी चूत के होठ थोड़े खुले हुए थे और अंदर से चमकदार रस निकल रहा था।
गेम आगे बढ़ा। मैंने लिखा, “अब बोलो, अगर मैं तुम्हारी चूत चाटूं तो कैसा लगेगा?” प्रिया ने तुरंत SMS किया, “अर्जुन, तुम्हारी जुबान मेरी चूत के अंदर घुसा दो, मैं चीख जाऊंगी।” हम दोनों के SMS में अब सिर्फ गंदी बातें ही आ रही थीं। “मेरा लंड तुम्हारी गांड में घुसा दूं?” “हां, पहले मेरी चूत फाड़ दो फिर गांड मारना।”
बारिश और तेज हो गई थी। मैंने प्रिया को बुलाया कि फ्लैट आ जाओ, गेम अब SMS से आगे बढ़ाएं। वो आधे घंटे में आ गई, भीगी हुई, सफेद टॉप में उसके निप्पल साफ दिख रहे थे। दरवाजा बंद करते ही मैंने उसे दीवार से लगाया और जोर से किस करने लगा। उसकी जीभ मेरी जीभ से लिपट गई, दोनों सांसें तेज हो गईं।
मैंने उसका टॉप उतारा। ब्रा के अंदर से उसकी 34 साइज की छातियां उछल पड़ीं। मैंने एक चूची मुंह में ली और जोर-जोर से चूसने लगा। प्रिया चीख रही थी, “अर्जुन, जोर से चूस, मेरे निप्पल को काट ले!” दूसरी चूची को हाथ से मसलते हुए मैंने उसकी जींस का बटन खोला। अंदर पैंटी गीली हो चुकी थी। मैंने उंगली डाली तो उसकी चूत से गरम-गरम रस निकल रहा था।
“प्रिया, तेरी चूत कितनी टाइट है!” मैंने कहा और दो उंगलियां अंदर डालकर तेजी से फिंगरिंग शुरू कर दी। प्रिया की कमर हिल रही थी, “अर्जुन… अंदर और गहरा… मेरी चूत फाड़ दो!” मैंने घुटनों के बल बैठकर उसकी चूत चाटनी शुरू कर दी। उसका रस मीठा-नमकीन था, मैं अपनी जुबान को उसकी चूत के अंदर घुमाता रहा। प्रिया मेरे बाल पकड़कर अपना चूत मेरे मुंह में दबा रही थी।
फिर मैंने अपना 7 इंच का मोटा लंड निकाला। प्रिया ने तुरंत उसे हाथ में लिया और मसलने लगी। “कितना गरम है तेरा लंड,” वो बोली और सिर को मुंह में लेकर चूसने लगी। उसकी जीभ मेरे लंड के नीचे वाली नस पर घूम रही थी। मैंने उसके बाल पकड़कर लंड उसके गले तक ठेल दिया। वो घुट रही थी लेकिन चूसती रही।
अब मैंने उसे बिस्तर पर लिटाया। उसकी टांगें फैलाईं और लंड उसकी चूत के मुंह पर रखा। “बोल, अंदर डालूं?” “हां अर्जुन, मेरी चूत फाड़ डाल!” मैंने एक जोरदार झटका मारा। लंड आधा अंदर घुस गया। प्रिया चीख पड़ी, “आह्ह्ह… धीरे… मोटा है!” मैंने और जोर लगाया। पूरा लंड अंदर घुस गया। उसकी चूत गर्म और कसी हुई थी।
मैं तेज-तेज चोदने लगा। “थप-थप” की आवाजें पूरे कमरे में गूंज रही थीं। प्रिया की छातियां उछल रही थीं, मैं उन्हें हाथों से दबा रहा था। “प्रिया, तेरी चूत का रस मेरे लंड पर चिपक रहा है!” मैंने और तेज रफ्तार पकड़ी। वो चीख रही थी, “चोदो मुझे… गांड भी मारो!”
मैंने उसे उल्टा कर दिया। उसकी गोल गांड ऊपर थी। मैंने थूक लगाकर लंड उसकी गांड में घुसाया। प्रिया चीखी, “आह्ह… दर्द हो रहा… लेकिन और गहरा!” मैंने उसकी गांड मारते हुए एक हाथ से उसकी चूत में उंगली डाली। दोनों छेदों में एक साथ खेल रहा था।
हम घंटे भर तक चोदते रहे। पोजीशन बदलते रहे – डॉगी स्टाइल, मिशनरी, काउगर्ल। प्रिया ने खुद मेरे ऊपर बैठकर लंड अपनी चूत में लिया और कूदने लगी। उसकी छातियां मेरे मुंह के पास आ रही थीं, मैं चूसता रहा। आखिर में मैंने उसकी चूत के अंदर ही झड़ गया। गरम-गरम वीर्य उसकी चूत भर गया।
प्रिया थकी हुई मेरे सीने पर लेट गई। हम दोनों पसीने से तर थे। SMS गेम ने हमारी जिंदगी बदल दी। अब हर शाम हम नए-नए गंदे SMS गेम खेलते और फिर असली चुदाई करते।
(कहानी जारी… लेकिन यहीं खत्म, क्योंकि रात भर की चुदाई का मजा शब्दों में पूरा नहीं बयां किया जा सकता।)